Tuesday, September 6, 2011

Khamoshi

कभी लफ्ज़ ज़रूरी नहीं थे !
कभी लफ्ज़ बाकी नहीं थे !

ख़ामोशी भी मूडी हो चली है !

Friday, September 2, 2011

उलझन....

उँगलियाँ उलझती है उसकी उँगलियों में जब,
ये ज़िन्दगी सुलझी सी लगती है!