Friday, October 26, 2012

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शाम गुज़र गयी तेरे इंतजार में,
शब् भी कहीं यूँ ही ना गुज़र जाए !
रुखसत किया उन्होंने कुछ इस तरह हमें,
फिर मिलने की उम्मीद में कहीं ज़िन्दगी न गुज़र जाए!!

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