कोई कहता था सोया है
हमें लगता था गुज़र गया!
कहीं हरकत सी देखी थी,
उम्मीद बँधी, के अब भी ज़िंदा है!
... क्या दिल भी कहीं मुर्दा हुआ करते हैं?
कोई कहता था सोया है
हमें लगता था गुज़र गया!
कहीं हरकत सी देखी थी,
उम्मीद बँधी, के अब भी ज़िंदा है!
... क्या दिल भी कहीं मुर्दा हुआ करते हैं?
तुमने कहा था, वक्त भर देता है हर जख्म
हर याद पर धूल चढ़ जाती है।
कितनी आँधियों से हो गुज़रे हम
तेरी यादें तो आज भी चमकती हैं!!!!